
जबलपुर, का.सं.। रिंग रोड का सफर पूरा होने में अभी पाचवां हिस्सा रोड़ा बन गया है। ये रोड पांच हिस्सों में बन रही है जिसके चार हिस्से का इलानमेंट तय हो चुका है काम का ठेका भी जारी हो गया लेकिन पांचवां हिस्सा जिसकी लंबाई 18.5 किमी है यह फाइनल नहीं हो पा रही है। जिस वजह से 114 किमी लंबी रिंग रोड पूरी नहीं हो पा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अभी तक चार चरण में करीब 96 किमी की सड़क का मार्ग तय किया है। पहले चरण में काम प्रारंभ भी हो चुका है, जबकि तीन अन्य हिस्सों पर जल्द काम प्रारंभ होगा। पांचवा और अंतिम चरण जो अमझर से बरेला के बीच बनना है उसी को लेकर परेशानी बनी हुई है। इस मार्ग पर सैना, वन विभाग की जमीन अधिक है जिस वजह से स्वीकृति का पेंच भी फंस सकता है। हालांकि एनएचएआई के अफसरों का दावा है कि जल्द पांचवा चरण भी अंतिम होगा। ज्ञात हो कि अधिकारियों ने रिंग रोड 4 हिस्से के लिए अलग- अलग 4 कंपनियों से एग्रीमेंट कर लिया है। इन सभी में सिर्फ एक चरण में ही काम प्रांरभ हो पाया है। इस गति को देखकर आगामी 24 माह में निर्माण पूरा होने की संभावना कम बन रही है। इधर अमझर से बरेला के बीच करीब 18.5 किमी लंबे मार्ग को लेकर एनएचएआई को मंजूरी नहीं मिल पाई है। पांचवे चरण का ले आउट बनाकर मंजूरी के लिए केंद्र के पास भेजा गया है लेकिन यहां से अनुमति नहीं मिलने की वजह से टेंडर प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पा रही है। इधर बिल्डर और जमीन के सौदागर पांचवे चरण पर नजर रखे हुए है ताकि मंजूरी से पहले ही जमीनों की सौदेबाजी कर मुनाफा बनाया जा सके।