
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हादसे में कई गुना ज्यादा नुकसान हो सकता था, लेकिन सरकार की सजगता के कारण इस पर नियंत्रण पाया गया। तत्काल सभी प्रकार के प्रबंधन किए गए, घायलों को बिना देरी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया और उनके बेहतर उपचार के निर्देश दिए गए।हादसे में जिनका निधन हुआ, उनके परिजनों के साथ सरकार खड़ी है। उन्हें आर्थिक सहायता देने के साथ ही हर संभव मदद भी की जा रही है। प्रदेश में जहां-जहां पटाखा फैक्ट्री नियमों के विरुद्ध चल रही हैं, उन पर एक्शन लिया गया। सभी को चेताया गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोई भी घटना घटित होने पर जिसकी भी गलती होगी, उसे छोड़ा नहीं जाएगा, दंड अवश्य मिलेगा।हरदा में हादसे के बाद कलेक्टर और एसपी को हटाने के साथ ही जांच टीम का गठन किया गया है। हमने हरदा जैसी गंभीर घटनाओं को लेकर मेडिकल सुविधाओं को बढ़ाने और एयर एंबुलेंस के लिए भी प्लानिंग की है। जिसको जहां जरूरत पड़ेगी, वहां सरकार पूरी सहायता करेगी। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार हर मामले को लेकर गंभीर है। जब विपक्ष स्थगन प्रस्ताव लेकर आया, तो हमने तुरंत स्वीकृति दी। हमने काम किया है, तो जवाब देने में पीछे नहीं रहेंगे। हरदा घटना की पूरी तरह निष्पक्ष जांच होगी, जिसकी भी गलती होगी, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।